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📰 SIR Today Update: यूपी से गुजरात तक मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, ड्राफ्ट लिस्ट से पहले बढ़ी हलचल

📰 SIR Today Update: यूपी से गुजरात तक मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, ड्राफ्ट लिस्ट से पहले बढ़ी हलचल 🔍 Search Description (Meta Description) SIR Today Update: Special Intensive Revision के तहत यूपी, गुजरात, बंगाल और तमिलनाडु में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण जारी। जानिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, दावा-आपत्ति और नाम जांचने की पूरी जानकारी। ✍️ Desk of DESH DARPAN NEWS देशभर में SIR (Special Intensive Revision – विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण) को लेकर गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को साफ, सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों में चल रही है। आज के ताज़ा अपडेट में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से जुड़ी अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। 🟢 गुजरात: SIR कैंप में भारी भागीदारी गुजरात में 27 और 28 दिसंबर को दो दिवसीय विशेष SIR कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में — लगभग 2.96 लाख मतदाताओं ने SIR फॉर्म भरे नाम जोड़ने, हटाने और सुधार से जुड़े आवेदन शामिल रहे कुल मिलाकर करीब 4 लाख आवेदन विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त हुए यहाँ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ...

यूपी में SIR से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे, 31 दिसंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

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📰 यूपी में SIR से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे, 31 दिसंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ✍️ Desk of DESH DARPAN NEWS उत्तर प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision – विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण) को लेकर एक बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है। राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के बाद लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 19 प्रतिशत हिस्सा है। चुनाव आयोग के अनुसार, ये वे मतदाता हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पाया। इनमें मृतक मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित लोग, डुप्लीकेट नाम, गलत पते या वे लोग शामिल हैं जिन्होंने SIR फॉर्म जमा नहीं किया। --- 📌 9.37 लाख मतदाताओं ने नहीं लौटाया SIR फॉर्म इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 9.37 लाख मतदाताओं ने SIR का फॉर्म जमा नहीं किया, जिस कारण उनके नाम भी सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग ने पहले ही साफ कर दिया था कि फॉर्म न भरने या सत्यापन न कराने पर नाम हटाया जा सकता है। --- 🗓️ 31 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग के अनुसार — 📅 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद मतदाता...

SIR Update: देशभर में मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटे, बंगाल से MP तक राजनीतिक हलचल तेज

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SIR Update: देशभर में मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटे, बंगाल से MP तक राजनीतिक हलचल  ✍️ From Desk of DESH DARPAN NEWS भारत में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया ने देश की राजनीति और चुनावी व्यवस्था में हलचल मचा दी है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की गहन जांच के तहत देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है, जिसमें 3.7 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। --- 🗳️ पश्चिम बंगाल: SIR 2.0 की सुनवाई शुरू पश्चिम बंगाल में SIR 2.0 के तहत दावे और आपत्तियों की सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि— सिर्फ आधार कार्ड पहचान के लिए पर्याप्त नहीं होगा जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और अन्य वैध दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी इस चरण में जिन मतदाताओं के नाम हटे हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। 📊 मध्यप्रदेश: लाखों वोटरों के नाम कटे, राजनीति गरमाई मध्यप्रदेश में SIR के बाद करीब 40–42 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। भोपाल की...

शांति बिल 2025: भारत की परमाणु ऊर्जा नीति में ऐतिहासिक बदलाव

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📰 शांति बिल 2025: भारत की परमाणु ऊर्जा नीति में ऐतिहासिक बदलाव --- ✍️ From Desk of DESH DARPAN NEWS भारत सरकार ने शांति बिल 2025 (SHANTI Bill 2025) के जरिए देश की परमाणु ऊर्जा नीति में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। यह बिल भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। --- 🔷 क्या है शांति बिल 2025? शांति बिल 2025 का पूरा नाम है – Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India Bill, 2025 इस बिल का मुख्य उद्देश्य भारत में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, निवेश और तकनीक को बढ़ावा देना है। अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में था, लेकिन इस बिल के बाद इसमें निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुल गया है। --- ⚡ शांति बिल 2025 की प्रमुख बातें ✅ 1. निजी कंपनियों को परमाणु क्षेत्र में प्रवेश अब देश की निजी कंपनियां भी न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने और बिजली उत्पादन में भाग ले सकेंगी। इससे निवेश बढ़ेगा और परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी। ✅ 2. पुराने कानूनों में सुधार यह बिल A...

वक्फ बोर्ड से जुड़े ताज़ा मामले: जमीन कब्जा, हाई कोर्ट का आदेश और नया दावा

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🔴 वक्फ बोर्ड से जुड़े ताज़ा मामले: जमीन कब्जा, हाई कोर्ट का आदेश और नया दावा 🕌 खबर 1: सुल्तानपुर में वक्फ कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का आरोप उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आने वाली कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक राजनीतिक नेता ने रातों-रात वक्फ भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है और जिला प्रशासन से तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में नाराज़गी का माहौल है और मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। --- ⚖️ खबर 2: केरल हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, वक्फ जमीन विवाद में रोक केरल के मुनंबम क्षेत्र में चल रहे वक्फ भूमि विवाद पर केरल हाई कोर्ट ने ताज़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जिला कलेक्टर या अन्य अधिकारी कोर्ट की अनुमति के बिना कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं करेंगे। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मामला अदालत में लंबित है, तब तक ✔ जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव ✔ म्यूटेशन या स्वामित्व से जुड़े फैसले नहीं...

भारतीय संविधान के चार स्तंभ: वर्तमान दौर में लोकतंत्र की असली ताकत

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भारतीय संविधान के चार स्तंभ: वर्तमान दौर में लोकतंत्र की असली ताकत नई दिल्ली | विशेष लेख भारत का संविधान देश को लोकतांत्रिक तरीके से चलाने की मजबूत नींव देता है। लोकतंत्र को संतुलित और प्रभावी बनाए रखने के लिए संविधान के अंतर्गत तीन औपचारिक अंग बताए गए हैं, लेकिन व्यवहार में चार स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया—को भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ माना जाता है। वर्तमान समय में इन चारों स्तंभों की भूमिका और जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। विधायिका: कानून बनाने वाली संस्था विधायिका का मुख्य काम कानून बनाना और सरकार के कामकाज पर नजर रखना है। संसद (लोकसभा और राज्यसभा) और राज्य विधानसभाएँ इसके अंतर्गत आती हैं। आज के समय में विधायिका से यह अपेक्षा की जाती है कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस करे और जनता की आवाज़ को सही तरीके से उठाए। हालांकि, कई बार संसद में चर्चा का स्तर और विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल भी उठते हैं। कार्यपालिका: शासन को लागू करने वाली शक्ति कार्यपालिका विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को जमीन पर लागू करती है। राष्ट्रपति, प्रधानम...

आज की बड़ी खबरें: Mirzapur व उत्तर प्रदेश

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📰 आज की बड़ी खबरें: Mirzapur व उत्तर प्रदेश  1️⃣ Mirzapur: जिला अस्पताल में डेंगू निगरानी बढ़ी मिर्ज़ापुर जिले में बदलते मौसम के कारण डेंगू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है और सभी PHC–CHC को निर्देश जारी किए गए हैं कि बुखार के हर मरीज की जांच अनिवार्य करें। नगर क्षेत्र में फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाइयों का छिड़काव भी तेज किया जा रहा है। --- 2️⃣ Mirzapur: ठंड बढ़ने से अस्पतालों में वायरल मरीजों की संख्या बढ़ी जिले में तापमान में गिरावट के बाद वायरल बुखार और खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने मास्क, गर्म कपड़े और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। --- 3️⃣ Mirzapur: स्कूलों में Mid-Day Meal की गुणवत्ता चेक करने का आदेश बीएसए मिर्ज़ापुर ने सभी ब्लॉकों में MDM निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं। स्कूल प्रधानाध्यापकों को भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पोषण मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट दैनिक आधार पर अपलोड होगी। --- ...