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🔌 उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर और पूजा स्थलों पर क्या बिजली बिल माफ है? जानिए पूरा नियम

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🔌 उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर और पूजा स्थलों पर क्या बिजली बिल माफ है? जानिए पूरा नियम 🕌 क्या यूपी में मस्जिद या मंदिर की बिजली पूरी तरह माफ होती है? उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या अन्य पूजा स्थलों को बिजली बिल में कोई पूर्ण छूट ( Electricity Exemption ) नहीं दी जाती है। यानी बिजली बिल पूरी तरह माफ नहीं होता। --- ⚡ फिर सरकार ने क्या सुविधा दी है? उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार— यदि कोई पूजा स्थल केवल धार्मिक कार्यों (नमाज़, पूजा, आरती, लाइट, पंखा आदि) के लिए बिजली का उपयोग करता है, तो उसे ➡ घरेलू दर ( Domestic Tariff ) पर बिजली बिल दिया जाता है। यह दर कमर्शियल (Commercial) दर से काफी कम होती है, जिससे पूजा स्थलों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। --- ❌ कब देना होगा ज्यादा बिजली बिल? यदि किसी मस्जिद, मंदिर या पूजा स्थल में— ▪️ दुकान ▪️ मैरिज हॉल ▪️ किराये पर कार्यक्रम ▪️ कोई व्यापारिक गतिविधि बिजली से संचालित हो रही है, तो उस स्थिति में ➡ Commercial Electricity Rate लागू होगा। --- 📌 आसान भाषा में समझिए ✔ केवल पूजा-प्रार्थना → Domestic Rate (कम बि...

UP SIR Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, ऐसे करें अपना नाम चेक

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✍️ From the Desk of DESH DARPAN NEWS 📰  UP SIR Voter List 2026 : उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, ऐसे करें अपना नाम चेक उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, मतदाताओं में चिंता उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 जारी कर दी गई है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद राज्यभर में हलचल मच गई है, क्योंकि लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार हटाए गए नामों में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो मृत पाए गए, स्थान बदल चुके हैं, या डुप्लीकेट एंट्री में दर्ज थे। आयोग का कहना है कि यह सूची अभी अंतिम नहीं है, बल्कि केवल ड्राफ्ट है। --- कैसे चेक करें SIR वोटर लिस्ट में अपना नाम मतदाता नीचे दिए गए तरीकों से आसानी से अपना नाम चेक कर सकते हैं: चुनाव आयोग की वेबसाइट 👉 electoralsearch.eci.gov.in EPIC (Voter ID) नंबर से नाम और जन्मतिथि के आधार पर Voter Helpline App के माध्यम से अगर नाम सूची में मिलता है, तो पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा। --- नाम नहीं मिलने पर क्या करें? अगर किस...

📰 SIR Today Update: यूपी से गुजरात तक मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, ड्राफ्ट लिस्ट से पहले बढ़ी हलचल

📰 SIR Today Update: यूपी से गुजरात तक मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, ड्राफ्ट लिस्ट से पहले बढ़ी हलचल 🔍 Search Description (Meta Description) SIR Today Update: Special Intensive Revision के तहत यूपी, गुजरात, बंगाल और तमिलनाडु में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण जारी। जानिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, दावा-आपत्ति और नाम जांचने की पूरी जानकारी। ✍️ Desk of DESH DARPAN NEWS देशभर में SIR (Special Intensive Revision – विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण) को लेकर गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को साफ, सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों में चल रही है। आज के ताज़ा अपडेट में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से जुड़ी अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। 🟢 गुजरात: SIR कैंप में भारी भागीदारी गुजरात में 27 और 28 दिसंबर को दो दिवसीय विशेष SIR कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में — लगभग 2.96 लाख मतदाताओं ने SIR फॉर्म भरे नाम जोड़ने, हटाने और सुधार से जुड़े आवेदन शामिल रहे कुल मिलाकर करीब 4 लाख आवेदन विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त हुए यहाँ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ...

यूपी में SIR से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे, 31 दिसंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

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📰 यूपी में SIR से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे, 31 दिसंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ✍️ Desk of DESH DARPAN NEWS उत्तर प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision – विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण) को लेकर एक बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है। राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के बाद लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 19 प्रतिशत हिस्सा है। चुनाव आयोग के अनुसार, ये वे मतदाता हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पाया। इनमें मृतक मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित लोग, डुप्लीकेट नाम, गलत पते या वे लोग शामिल हैं जिन्होंने SIR फॉर्म जमा नहीं किया। --- 📌 9.37 लाख मतदाताओं ने नहीं लौटाया SIR फॉर्म इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 9.37 लाख मतदाताओं ने SIR का फॉर्म जमा नहीं किया, जिस कारण उनके नाम भी सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग ने पहले ही साफ कर दिया था कि फॉर्म न भरने या सत्यापन न कराने पर नाम हटाया जा सकता है। --- 🗓️ 31 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग के अनुसार — 📅 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद मतदाता...

SIR फॉर्म भरने से जुड़ी आम जनता के महत्वपूर्ण सवाल और उनके कानूनी जवाब

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SIR फॉर्म भरने से जुड़ी आम जनता के महत्वपूर्ण सवाल और उनके कानूनी जवाब 1. SIR फॉर्म क्या है और इसे भरना क्यों अनिवार्य माना जाता है? SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को पूर्ण रूप से अपडेट करने की विशेष प्रक्रिया है। इससे मृतक मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, पुरानी गलतियाँ सुधारी जाती हैं और नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। इसलिए सभी मतदाताओं—नए और पुराने—को फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है। --- 2. क्या पुराने मतदाताओं को भी SIR फॉर्म भरना ज़रूरी है? हाँ। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले से मौजूद मतदाता ( Existing Voters ) को भी यह फॉर्म भरना आवश्यक है ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट रहे। --- 3. SIR फॉर्म भरने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं? ECI के अनुसार— पहचान एवं पते से जुड़े दस्तावेज़ दावा-आपत्ति ( Claim & Objection ) चरण में भी जमा किए जा सकते हैं। यदि नाम पुराने मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद है, तो कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती। आधार ( Aadhaar ) पहचान प्रमाण के रूप में मान्य है, लेकिन यह नागरिकता या न...

उत्तर प्रदेश में 5000 सरकारी डॉक्टरों की भारी कमी, हाईकोर्ट ने मांगा जिला-वार ब्यौरा — 2 महीने बाद होगी अगली सुनवाई

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📰  उत्तर प्रदेश में 5000 सरकारी डॉक्टरों की भारी कमी, हाईकोर्ट ने मांगा जिला-वार ब्यौरा — 2 महीने बाद होगी अगली सुनवाई --- 🗞️  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पर जताई गंभीर चिंता, सरकार को विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश। --- 📍स्थान: लखनऊ | स्रोत: Desh Darpan News / Times of India Report --- मुख्य समाचार (Main News): इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में करीब 5,000 डॉक्टरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा है कि वह जिला-वार विस्तृत रिपोर्ट पेश करे, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदेश के किन जिलों में कितने डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं तथा कितने पद रिक्त पड़े हैं। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने बड़े राज्य में नागरिकों के स्वस्थ जीवन के लिए योग्य डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। अदालत ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश में कम से कम पाँच हज़ार सरकारी डॉक्टरों की कमी बनी हुई है, जो स...

मिर्जापुर में बिना पंजीकरण के 4 अस्पताल सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

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मिर्जापुर में बिना पंजीकरण के 4 अस्पताल सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई 📄  DESH DARPAN NEWS | मिर्जापुर। जमालपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अस्पतालों को सील कर दिया। ये सभी अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। यह कार्रवाई मंगलवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. अवधेश सिंह की अगुवाई में की गई। मामला तब सामने आया जब रीवा निवासी विजय कुमार ने 2 अगस्त को चुनार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि सिकंदरपुर स्थित सुंदर हॉस्पिटल के चिकित्सक ने उनकी पत्नी का डिलीवरी के दौरान बिना सहमति ऑपरेशन कर दिया। शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की। जांच में पाया गया कि सुंदर हॉस्पिटल बिना पंजीकरण के चल रहा था। इसके बाद टीम ने मौके पर अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही बिक्सी चट्टी स्थित काव्या हॉस्पिटल, सृजन हॉस्पिटल और जनता हॉस्पिटल को भी बिना पंजीकरण के संचालित पाए जाने पर सील किया गया। इस कार्रवाई में सीएचसी के डॉ. राहुल कपूर, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी नवनीत सिंह और अनुज वर्मा मौजूद रह...