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ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ में मिले 15 लाख के सोने के गहने 4 महीने बाद मालिक को लौटाए

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📰 ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ में मिले 15 लाख के सोने के गहने 4 महीने बाद मालिक को लौटाए आज के दौर में जब ईमानदारी कम ही देखने को मिलती है, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद से सामने आई यह घटना समाज के लिए एक बड़ी सीख बनकर आई है। यहां एक कबाड़ी व्यापारी ने अपनी ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और सच्चाई आज भी ज़िंदा है। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले अशोक शर्मा पिछले वर्ष जनवरी में कुंभ स्नान के लिए गए थे। घर में चोरी की आशंका के चलते उन्होंने अपने परिवार का सारा सोना एक डिब्बे में बंद कर कबाड़ समझकर घर के पुराने सामान के साथ रख दिया। दीपावली की सफाई के दौरान वह सारा सामान कबाड़ समझकर इलाके के कबाड़ी व्यापारी हाजी अख्तर खान को दे दिया गया। परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कबाड़ के डिब्बे में करीब 10 तोले (लगभग 100 ग्राम) सोने के गहने, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है, रखे हुए हैं। ⏳ चार महीने बाद याद आया सोना करीब चार महीने बाद, दीपावली पूजा के समय अशोक शर्मा और उनके परिवार को उस सोने की याद आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत कबाड़ी व्यापारी से ...

🌙 रमज़ान माह की अहमियत: रोज़ा, तरावीह और सेहत से जुड़े वैज्ञानिक फायदे

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🌙 रमज़ान माह की अहमियत: रोज़ा, तरावीह और सेहत से जुड़े वैज्ञानिक फायदे 📰  इस्लाम धर्म में रमज़ान का महीना बेहद पाक और बरकतों वाला माना जाता है। यह महीना आत्मसंयम, इबादत, सब्र और अल्लाह से नज़दीकी का प्रतीक है। रमज़ान में मुसलमान अल्लाह के हुक्म पर रोज़ा रखते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और रात में तरावीह की नमाज़ अदा करते हैं। 🕋 रमज़ान और रोज़े की धार्मिक अहमियत रमज़ान का रोज़ा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि 👉 बुरी आदतों से दूर रहना 👉 झूठ, ग़ीबत और गुस्से से बचना 👉 गरीबों और ज़रूरतमंदों का ख्याल रखना 👉 और अल्लाह की इबादत में खुद को लगाना इस महीने की असली रूह है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार रमज़ान में ✔ जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं ✔ जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं ✔ और रहमत, मग़फिरत व निजात का मौका मिलता है। ⏱️ लगभग 13 घंटे से अधिक का होगा पहला रोज़ा (खास खबर) इस वर्ष का पहला रोज़ा काफी अहम रहने वाला है। समय की गणना के अनुसार पहला रोज़ा लगभग 13 घंटे और कुछ मिनटों का होगा। अलीगढ़ समेत उत्तर भारत के इलाकों में सहरी (अलसुब्ह) से लेकर इफ्तार ...

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत तेज, बजट में ₹55,000 करोड़ का बड़ा ऐलान

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🏥 उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत तेज, बजट में ₹55,000 करोड़ का बड़ा ऐलान 📰 पूरी खबर उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और वेलनेस को लेकर एक ओर सरकार बड़े दावे कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष स्वास्थ्य सेवाओं की ज़मीनी हकीकत पर सवाल उठा रहा है। हाल के दिनों में स्वास्थ्य बजट और सरकारी अस्पतालों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 📊 स्वास्थ्य बजट में बड़ा निवेश उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए करीब ₹55,000 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि इस निवेश से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मुख्य घोषणाएं: ✔ प्रदेश में अब कुल 81 मेडिकल कॉलेज ✔ लगभग 12,700 MBBS सीटें ✔ 200 नई डायग्नोस्टिक यूनिट ✔ 4,000 नई एम्बुलेंस सेवा में शामिल की जाएंगी सरकार के अनुसार इन कदमों से ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में इलाज की सुविधा बेहतर होगी। 🏛️ स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासी बयान, SP का हमला इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। SP MLC शाह आलम ने विधान परिषद में कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं क...

यूपी में SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ी — दावे-आपत्तियां अब 6 मार्च तक दर्ज कराएं, अंतिम वोटर सूची 10 अप्रैल को जारी

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यूपी में SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ी — दावे-आपत्तियां अब 6 मार्च तक दर्ज कराएं, अंतिम वोटर सूची 10 अप्रैल को जारी 📰 उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बड़ा अपडेट आया है। चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक अपने नाम जोड़ने, हटाने, सुधार या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इससे पहले यह तारीख 6 फरवरी तक थी।  मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) ऐसे दस्तावेज़ों का हिस्सा होती है जिनमें वोटर का नाम, पता और पहचान होती है। SIR प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में सिर्फ सही और योग्य मतदाता ही हों। इसी लिए दावा-आपत्ति का चरण चल रहा है।  चुनाव आयोग का कहना है कि SIR में अभी बहुत सारे आवेदन और नोटिस निस्तारित होने बाकी हैं, इसलिए समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब सभी मामलों पर सुनवाई और निपटान 27 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उसके बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची को प्रकाशित किया जाएगा।  इस विस्तार से अधिक मतदाता अपना नाम सही करवा सकत...

यूपी में चीनी मांझे से मौत को अब ‘हत्या’ माना जाएगा, CM योगी ने पूरे राज्य में बैन और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

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उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे से हुई मौत को अब हत्या माना जाएगा।  📰 समाचार  उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे (चीनी मांझे) से मौत वाले मामलों को अब हत्या जैसा गंभीर अपराध माना जाएगा। हाल ही में लखनऊ में एक युवक की चीनी मांझे की चपेट में आने से उसकी गर्दन कट गई और उसकी मौत हो गई, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गहरा आघात पहुंचा।  मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिया है कि बाजार में प्रतिबंध के बावजूद बिक रहे खतरनाक चाइनीज़ मांझे का हर संभव तरीके से पुरजोर प्रयास करके पूर्ण रूप से बंद कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों के कारण या वजह से इस मांझे की बिक्री, भंडारण या सप्लाई होती है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच की जाए।  सीएम ने स्पष्ट किया है कि अब से चीनी मांझे से होने वाली मौतों के मामलों में हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज़ी से लागू की जाएगी। इसके अलावा प्रशासन को यह भी निर्देश मिला है कि वह पूरे प्रदेश में छापेमारी चलाकर अवैध मांझे को जब्त कराए।  सरकार का कहना है कि यह कदम...

वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला

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वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला 📰  वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि वक्फ संपत्तियों के मतवल्ली (ट्रस्टी या प्रबंधक) अब सूचना के अधिकार कानून ( RTI Act ) से बाहर नहीं रह सकते। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि वक्फ संपत्तियाँ धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होती हैं, इसलिए इनके संचालन, आमदनी और खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। अब तक कई मामलों में मतवल्ली यह कहकर जानकारी देने से इनकार करते रहे थे कि वे “लोक सेवक” नहीं हैं, इसलिए RTI के दायरे में नहीं आते। लेकिन सूचना आयोग ने इस तर्क को खारिज करते हुए साफ कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित से जुड़ी होती है, इसलिए इसे छिपाया नहीं जा सकता। 🔹 फैसले के अनुसार अब क्या अनिवार्य होगा? वक्फ संपत्तियों की पूरी सूची संपत्तियों का किस उद्देश्य में उपयोग हो रहा है किराया और अन्य माध्यमों से होने वाली आय प्राप्त धनराशि का खर्च और उसका विवरण इन सभी जानकारियों को अब रिकॉर्ड में रखना होगा...

बड़ी खबर: 15 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित

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🔴 बड़ी खबर: 15 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम आदेश जारी करते हुए 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर लिया गया है। शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पहले वर्ष 2026 की अवकाश सूची में 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को मकर संक्रांति के अवसर पर निर्बंधित अवकाश घोषित था। लेकिन अब शासन स्तर पर पुनः विचार करते हुए, 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि इस दिन सरकारी कार्यालय, बैंक, कोषागार, उप-कोषागार और अन्य शासकीय संस्थान बंद रहेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नए आदेश के चलते 17 नवंबर 2025 को जारी पूर्व अवकाश आदेश में आवश्यक संशोधन मान्य होगा। 📌 मुख्य बिंदु एक नजर में: ✅ 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश ❌ 14 जनवरी 2026 का अवकाश निरस्त 🎉 कारण: मकर संक्रांति पर्व 🏦 बैंक व सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद यह आदेश उत्तर प्रद...