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Ministry of Cooperation Internship 2026: 15,000 से 25,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड, 5 मार्च तक करें ऑनलाइन आवेदन

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Ministry of Cooperation Internship 2026 : 15,000 से 25,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड, 5 मार्च तक करें ऑनलाइन आवेदन Desk of DESH DARPAN NEWS Ministry of Cooperation Internship 2026 के लिए आवेदन शुरू। ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को 15,000 से 25,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026। 📢 बड़ी खबर छात्रों के लिए भारत सरकार के Ministry of Cooperation (सहकारिता मंत्रालय) ने वर्ष 2026 के लिए Internship Scheme की घोषणा की है। यह इंटर्नशिप प्रोग्राम देशभर के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे Graduate और Post-Graduate छात्रों के लिए है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को सरकारी कामकाज, नीति निर्माण ( Policy Analysis ), रिसर्च और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव देना है। 📅 महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: पहले से शुरू अंतिम तिथि: 05 मार्च 2026 आवेदन शुल्क: शून्य (Nil) परीक्षा: कोई परीक्षा नहीं उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 🎓 पात्रता (Eligibility) ✔️ उम्मीदवार Graduate या Post-Graduate कर रहे हों या पूरा कर चुके हों। ✔️ न्यून...

सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल फिर से शुरू: अब 10 लाख रुपये तक करें क्लेम, जानें पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

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सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल फिर से शुरू: अब 10 लाख रुपये तक करें क्लेम, जानें पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज By Desk of DESH DARPAN NEWS 📢 आम निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा जमा करने वाले लाखों निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया CRCS-Sahara Refund Portal एक बार फिर खोल दिया गया है। अब निवेशक पहले की तुलना में अधिक राशि — 10 लाख रुपये तक — का रिफंड क्लेम कर सकते हैं। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए है जिनका पहले आवेदन रिजेक्ट हो गया था या जिनके फॉर्म में कोई कमी रह गई थी। 💰 अब कितनी राशि तक मिलेगा रिफंड? पहले निवेशक केवल ₹50,000 तक का दावा कर सकते थे। अब सरकार ने सीमा बढ़ाकर ₹10,00,000 (10 लाख रुपये) कर दी है। इससे उन निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी जमा राशि अधिक थी। 🏢 किन समितियों के निवेशक कर सकते हैं आवेदन? यदि आपने नीचे दी गई सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा जमा किया था, तो आप आवेदन कर सकते हैं: 1. Sahara Credit Cooperative Society Ltd 2. Saharayn Universal Multipurpose Society Ltd 3. Humar...

बड़ी खबर: मल्टीपल मायलोमा में इम्यूनोथेरेपी फिर असरदार — नई दवा से इलाज में उम्मीद

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🧬 बड़ी खबर: मल्टीपल मायलोमा में इम्यूनोथेरेपी फिर असरदार — नई दवा से इलाज में उम्मीद 📰 मुख्य समाचार: पुरानी कैंसर दवा से इम्यूनोथेरेपी फिर से असरदार – मल्टीपल मायलोमा रोग में नई उम्मीद नयी रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि एक पहले से मौजूद कैंसर दवा Carfilzomib से मल्टीपल मायलोमा (एक गंभीर रक्त कैंसर) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली CAR-T इम्यूनोथेरेपी फिर से प्रभावी हो सकती है। इस प्रक्रिया के कारण इम्यूनोथेरेपी धीरे-धीरे कम असर करने लगती थी, लेकिन अब दवा की मदद से इसे फिर सक्रिय किया जा सकता है।  🧠 समस्या और हल किस तरह काम करता है ❗ क्या था मूल समस्या? जब CAR-T इम्यूनोथेरेपी दी जाती है, तो शरीर के T-cells (प्रतिरक्षा कोशिकाएं) कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद एक खास लक्ष्य BCMA को पहचान कर उसे नष्ट करते हैं। लेकिन समय के साथ यह लक्ष्य (BCMA) कैंसर कोशिकाओं की सतह से गायब होने लगता है, जिससे थैरेपी का असर कम हो जाता है।  💡 नयी खोज क्या है? वैज्ञानिकों ने यह पहचान लिया है कि शरीर में एक सिस्टम (उबिक्विटिन-प्रोटियसोम सिस्टम) BCMA को हटाने का काम कर रहा था। उन्होंने यह प...

ज़कात 2026 के पूरे नियम (सुन्नी अनुसार): निसाब, शर्तें, दर और सही तरीका

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🔴  ज़कात 2026 के पूरे नियम (सुन्नी अनुसार): निसाब, शर्तें, दर और सही तरीका – 📰  ज़कात इस्लाम के पाँच बुनियादी स्तंभों में से एक है। यह सिर्फ़ दान नहीं बल्कि एक फ़र्ज़ इबादत है, जो माल को पाक करती है और समाज में ग़रीबों की मदद का मज़बूत ज़रिया बनती है। हर साल लाखों मुसलमान ज़कात अदा करते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से कई बार गलती भी हो जाती है। इसलिए यहाँ ज़कात 2026 के पूरे नियम सुन्नी (अहले सुन्नत व जमाअत) के अनुसार आसान हिंदी में बताए जा रहे हैं। ज़कात किस पर फ़र्ज़ होती है? ज़कात हर मुसलमान पर फ़र्ज़ होती है जो: 1. मुसलमान हो 2. बालिग़ और अक़्लमंद हो 3. निसाब का मालिक हो 4. निसाब पर पूरा एक हिजरी साल गुजर चुका हो 5. क़र्ज़ और ज़रूरी घरेलू सामान से अलग माल रखता हो अगर ये सभी शर्तें पूरी हैं, तो ज़कात देना फ़र्ज़ है। निसाब क्या है? (2026) निसाब वह न्यूनतम माल है जिस पर ज़कात फ़र्ज़ होती है। सोना: 87.48 ग्राम चाँदी: 612.36 ग्राम सुन्नी फ़िक़्ह (हनाफ़ी) में आम तौर पर चाँदी के निसाब से हिसाब लगाया जाता है, क्योंकि इससे ग़रीबों को ज़्यादा फ़ायदा पहुँचता है। ज...

📰 इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद नहीं किया जा सकता

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📰 इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद नहीं किया जा सकता Allahabad high court  ✍️  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसों को लेकर एक अहम और राहत भरा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ सरकारी मान्यता न होने के आधार पर किसी मदरसे को बंद या सील नहीं किया जा सकता। यह फैसला उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मदरसों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक शिक्षा देना अपराध नहीं है, और जब तक कोई मदरसा कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा, तब तक उसे जबरन बंद करना गलत है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी सरकार और जिला प्रशासन की कार्रवाई को कानून के खिलाफ माना। ⚖️ प्रशासन को फटकार हाईकोर्ट ने श्रावस्ती जिले के एक मामले में आदेश दिया कि जिन मदरसों को सील किया गया है, उन्हें तुरंत खोला जाए। कोर्ट ने कहा कि बिना स्पष्ट कानूनी आधार के मदरसों पर कार्रवाई करना संविधान के खिलाफ है। 📜 मान्यता और कानून पर क्या कहा कोर्ट ने? कोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई कानून नहीं है जो यह कहता हो कि गैर-मान्यता प्राप्त मद...

ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ में मिले 15 लाख के सोने के गहने 4 महीने बाद मालिक को लौटाए

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📰 ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ में मिले 15 लाख के सोने के गहने 4 महीने बाद मालिक को लौटाए आज के दौर में जब ईमानदारी कम ही देखने को मिलती है, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद से सामने आई यह घटना समाज के लिए एक बड़ी सीख बनकर आई है। यहां एक कबाड़ी व्यापारी ने अपनी ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और सच्चाई आज भी ज़िंदा है। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले अशोक शर्मा पिछले वर्ष जनवरी में कुंभ स्नान के लिए गए थे। घर में चोरी की आशंका के चलते उन्होंने अपने परिवार का सारा सोना एक डिब्बे में बंद कर कबाड़ समझकर घर के पुराने सामान के साथ रख दिया। दीपावली की सफाई के दौरान वह सारा सामान कबाड़ समझकर इलाके के कबाड़ी व्यापारी हाजी अख्तर खान को दे दिया गया। परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कबाड़ के डिब्बे में करीब 10 तोले (लगभग 100 ग्राम) सोने के गहने, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है, रखे हुए हैं। ⏳ चार महीने बाद याद आया सोना करीब चार महीने बाद, दीपावली पूजा के समय अशोक शर्मा और उनके परिवार को उस सोने की याद आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत कबाड़ी व्यापारी से ...

🌙 रमज़ान माह की अहमियत: रोज़ा, तरावीह और सेहत से जुड़े वैज्ञानिक फायदे

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🌙 रमज़ान माह की अहमियत: रोज़ा, तरावीह और सेहत से जुड़े वैज्ञानिक फायदे 📰  इस्लाम धर्म में रमज़ान का महीना बेहद पाक और बरकतों वाला माना जाता है। यह महीना आत्मसंयम, इबादत, सब्र और अल्लाह से नज़दीकी का प्रतीक है। रमज़ान में मुसलमान अल्लाह के हुक्म पर रोज़ा रखते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और रात में तरावीह की नमाज़ अदा करते हैं। 🕋 रमज़ान और रोज़े की धार्मिक अहमियत रमज़ान का रोज़ा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि 👉 बुरी आदतों से दूर रहना 👉 झूठ, ग़ीबत और गुस्से से बचना 👉 गरीबों और ज़रूरतमंदों का ख्याल रखना 👉 और अल्लाह की इबादत में खुद को लगाना इस महीने की असली रूह है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार रमज़ान में ✔ जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं ✔ जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं ✔ और रहमत, मग़फिरत व निजात का मौका मिलता है। ⏱️ लगभग 13 घंटे से अधिक का होगा पहला रोज़ा (खास खबर) इस वर्ष का पहला रोज़ा काफी अहम रहने वाला है। समय की गणना के अनुसार पहला रोज़ा लगभग 13 घंटे और कुछ मिनटों का होगा। अलीगढ़ समेत उत्तर भारत के इलाकों में सहरी (अलसुब्ह) से लेकर इफ्तार ...