वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला
वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला 📰 वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि वक्फ संपत्तियों के मतवल्ली (ट्रस्टी या प्रबंधक) अब सूचना के अधिकार कानून ( RTI Act ) से बाहर नहीं रह सकते। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि वक्फ संपत्तियाँ धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होती हैं, इसलिए इनके संचालन, आमदनी और खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। अब तक कई मामलों में मतवल्ली यह कहकर जानकारी देने से इनकार करते रहे थे कि वे “लोक सेवक” नहीं हैं, इसलिए RTI के दायरे में नहीं आते। लेकिन सूचना आयोग ने इस तर्क को खारिज करते हुए साफ कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित से जुड़ी होती है, इसलिए इसे छिपाया नहीं जा सकता। 🔹 फैसले के अनुसार अब क्या अनिवार्य होगा? वक्फ संपत्तियों की पूरी सूची संपत्तियों का किस उद्देश्य में उपयोग हो रहा है किराया और अन्य माध्यमों से होने वाली आय प्राप्त धनराशि का खर्च और उसका विवरण इन सभी जानकारियों को अब रिकॉर्ड में रखना होगा...