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यूपी में SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ी — दावे-आपत्तियां अब 6 मार्च तक दर्ज कराएं, अंतिम वोटर सूची 10 अप्रैल को जारी

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यूपी में SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ी — दावे-आपत्तियां अब 6 मार्च तक दर्ज कराएं, अंतिम वोटर सूची 10 अप्रैल को जारी 📰 उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बड़ा अपडेट आया है। चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक अपने नाम जोड़ने, हटाने, सुधार या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इससे पहले यह तारीख 6 फरवरी तक थी।  मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) ऐसे दस्तावेज़ों का हिस्सा होती है जिनमें वोटर का नाम, पता और पहचान होती है। SIR प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में सिर्फ सही और योग्य मतदाता ही हों। इसी लिए दावा-आपत्ति का चरण चल रहा है।  चुनाव आयोग का कहना है कि SIR में अभी बहुत सारे आवेदन और नोटिस निस्तारित होने बाकी हैं, इसलिए समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब सभी मामलों पर सुनवाई और निपटान 27 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उसके बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची को प्रकाशित किया जाएगा।  इस विस्तार से अधिक मतदाता अपना नाम सही करवा सकत...

यूपी में चीनी मांझे से मौत को अब ‘हत्या’ माना जाएगा, CM योगी ने पूरे राज्य में बैन और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

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उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे से हुई मौत को अब हत्या माना जाएगा।  📰 समाचार  उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे (चीनी मांझे) से मौत वाले मामलों को अब हत्या जैसा गंभीर अपराध माना जाएगा। हाल ही में लखनऊ में एक युवक की चीनी मांझे की चपेट में आने से उसकी गर्दन कट गई और उसकी मौत हो गई, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गहरा आघात पहुंचा।  मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिया है कि बाजार में प्रतिबंध के बावजूद बिक रहे खतरनाक चाइनीज़ मांझे का हर संभव तरीके से पुरजोर प्रयास करके पूर्ण रूप से बंद कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों के कारण या वजह से इस मांझे की बिक्री, भंडारण या सप्लाई होती है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच की जाए।  सीएम ने स्पष्ट किया है कि अब से चीनी मांझे से होने वाली मौतों के मामलों में हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज़ी से लागू की जाएगी। इसके अलावा प्रशासन को यह भी निर्देश मिला है कि वह पूरे प्रदेश में छापेमारी चलाकर अवैध मांझे को जब्त कराए।  सरकार का कहना है कि यह कदम...

वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला

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वक्फ संपत्तियाँ अब जवाबदेही से बाहर नहीं, सूचना आयोग का बड़ा फैसला 📰  वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि वक्फ संपत्तियों के मतवल्ली (ट्रस्टी या प्रबंधक) अब सूचना के अधिकार कानून ( RTI Act ) से बाहर नहीं रह सकते। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि वक्फ संपत्तियाँ धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होती हैं, इसलिए इनके संचालन, आमदनी और खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। अब तक कई मामलों में मतवल्ली यह कहकर जानकारी देने से इनकार करते रहे थे कि वे “लोक सेवक” नहीं हैं, इसलिए RTI के दायरे में नहीं आते। लेकिन सूचना आयोग ने इस तर्क को खारिज करते हुए साफ कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित से जुड़ी होती है, इसलिए इसे छिपाया नहीं जा सकता। 🔹 फैसले के अनुसार अब क्या अनिवार्य होगा? वक्फ संपत्तियों की पूरी सूची संपत्तियों का किस उद्देश्य में उपयोग हो रहा है किराया और अन्य माध्यमों से होने वाली आय प्राप्त धनराशि का खर्च और उसका विवरण इन सभी जानकारियों को अब रिकॉर्ड में रखना होगा...

बड़ी खबर: 15 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित

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🔴 बड़ी खबर: 15 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम आदेश जारी करते हुए 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर लिया गया है। शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पहले वर्ष 2026 की अवकाश सूची में 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को मकर संक्रांति के अवसर पर निर्बंधित अवकाश घोषित था। लेकिन अब शासन स्तर पर पुनः विचार करते हुए, 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि इस दिन सरकारी कार्यालय, बैंक, कोषागार, उप-कोषागार और अन्य शासकीय संस्थान बंद रहेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नए आदेश के चलते 17 नवंबर 2025 को जारी पूर्व अवकाश आदेश में आवश्यक संशोधन मान्य होगा। 📌 मुख्य बिंदु एक नजर में: ✅ 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश ❌ 14 जनवरी 2026 का अवकाश निरस्त 🎉 कारण: मकर संक्रांति पर्व 🏦 बैंक व सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद यह आदेश उत्तर प्रद...

🔌 उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर और पूजा स्थलों पर क्या बिजली बिल माफ है? जानिए पूरा नियम

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🔌 उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर और पूजा स्थलों पर क्या बिजली बिल माफ है? जानिए पूरा नियम 🕌 क्या यूपी में मस्जिद या मंदिर की बिजली पूरी तरह माफ होती है? उत्तर प्रदेश में मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या अन्य पूजा स्थलों को बिजली बिल में कोई पूर्ण छूट ( Electricity Exemption ) नहीं दी जाती है। यानी बिजली बिल पूरी तरह माफ नहीं होता। --- ⚡ फिर सरकार ने क्या सुविधा दी है? उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार— यदि कोई पूजा स्थल केवल धार्मिक कार्यों (नमाज़, पूजा, आरती, लाइट, पंखा आदि) के लिए बिजली का उपयोग करता है, तो उसे ➡ घरेलू दर ( Domestic Tariff ) पर बिजली बिल दिया जाता है। यह दर कमर्शियल (Commercial) दर से काफी कम होती है, जिससे पूजा स्थलों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। --- ❌ कब देना होगा ज्यादा बिजली बिल? यदि किसी मस्जिद, मंदिर या पूजा स्थल में— ▪️ दुकान ▪️ मैरिज हॉल ▪️ किराये पर कार्यक्रम ▪️ कोई व्यापारिक गतिविधि बिजली से संचालित हो रही है, तो उस स्थिति में ➡ Commercial Electricity Rate लागू होगा। --- 📌 आसान भाषा में समझिए ✔ केवल पूजा-प्रार्थना → Domestic Rate (कम बि...

UP SIR Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, ऐसे करें अपना नाम चेक

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✍️ From the Desk of DESH DARPAN NEWS 📰  UP SIR Voter List 2026 : उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, ऐसे करें अपना नाम चेक उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, मतदाताओं में चिंता उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 जारी कर दी गई है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद राज्यभर में हलचल मच गई है, क्योंकि लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार हटाए गए नामों में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो मृत पाए गए, स्थान बदल चुके हैं, या डुप्लीकेट एंट्री में दर्ज थे। आयोग का कहना है कि यह सूची अभी अंतिम नहीं है, बल्कि केवल ड्राफ्ट है। --- कैसे चेक करें SIR वोटर लिस्ट में अपना नाम मतदाता नीचे दिए गए तरीकों से आसानी से अपना नाम चेक कर सकते हैं: चुनाव आयोग की वेबसाइट 👉 electoralsearch.eci.gov.in EPIC (Voter ID) नंबर से नाम और जन्मतिथि के आधार पर Voter Helpline App के माध्यम से अगर नाम सूची में मिलता है, तो पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा। --- नाम नहीं मिलने पर क्या करें? अगर किस...

“बिना रेंट एग्रीमेंट के भी मकान मालिक कर सकता है किरायेदार की बेदखल की याचिका — इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम निर्णय”

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“बिना रेंट एग्रीमेंट के भी मकान मालिक कर सकता है किरायेदार की बेदखल की याचिका — इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम निर्णय” प्रयागराज  से ख़ास रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदारी विवादों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टता दी है। न्यायालय ने कहा है कि अगर मकान मालिक और किरायेदार के बीच कोई लिखित रेंट एग्रीमेंट नहीं है या उसकी जानकारी रेंट अथॉरिटी को नहीं दी गई है, तब भी मकान मालिक किरायेदार को बेदखल करने की याचिका दाखिल कर सकता है। यह फैसला उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 ( UP Regulation of Urban Premises Tenancy Act, 2021 ) के प्रावधानों का सही अर्थ समझाते हुए दिया गया है।  क्या कहा गया है हाईकोर्ट ने ? इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनाया कि: 🔹 2021 के नियम के तहत गठित रेंट अथॉरिटी के पास अधिकार क्षेत्र है कि वह ऐसे मामलों में भी बेदखल की याचिका स्वीकार कर सकता है जहां कोई लिखित किरायेदारी समझौता (Rent Agreement) नहीं है या रेंट अथॉरिटी को जानकारी नहीं दी गई हो।  🔹 कोर्ट ने कहा है कि यदि मकान मालिक और किराय...