ज़कात 2026 के पूरे नियम (सुन्नी अनुसार): निसाब, शर्तें, दर और सही तरीका
🔴 ज़कात 2026 के पूरे नियम (सुन्नी अनुसार): निसाब, शर्तें, दर और सही तरीका – 📰 ज़कात इस्लाम के पाँच बुनियादी स्तंभों में से एक है। यह सिर्फ़ दान नहीं बल्कि एक फ़र्ज़ इबादत है, जो माल को पाक करती है और समाज में ग़रीबों की मदद का मज़बूत ज़रिया बनती है। हर साल लाखों मुसलमान ज़कात अदा करते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से कई बार गलती भी हो जाती है। इसलिए यहाँ ज़कात 2026 के पूरे नियम सुन्नी (अहले सुन्नत व जमाअत) के अनुसार आसान हिंदी में बताए जा रहे हैं। ज़कात किस पर फ़र्ज़ होती है? ज़कात हर मुसलमान पर फ़र्ज़ होती है जो: 1. मुसलमान हो 2. बालिग़ और अक़्लमंद हो 3. निसाब का मालिक हो 4. निसाब पर पूरा एक हिजरी साल गुजर चुका हो 5. क़र्ज़ और ज़रूरी घरेलू सामान से अलग माल रखता हो अगर ये सभी शर्तें पूरी हैं, तो ज़कात देना फ़र्ज़ है। निसाब क्या है? (2026) निसाब वह न्यूनतम माल है जिस पर ज़कात फ़र्ज़ होती है। सोना: 87.48 ग्राम चाँदी: 612.36 ग्राम सुन्नी फ़िक़्ह (हनाफ़ी) में आम तौर पर चाँदी के निसाब से हिसाब लगाया जाता है, क्योंकि इससे ग़रीबों को ज़्यादा फ़ायदा पहुँचता है। ज...