ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ में मिले 15 लाख के सोने के गहने 4 महीने बाद मालिक को लौटाए
आज के दौर में जब ईमानदारी कम ही देखने को मिलती है, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद से सामने आई यह घटना समाज के लिए एक बड़ी सीख बनकर आई है। यहां एक कबाड़ी व्यापारी ने अपनी ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और सच्चाई आज भी ज़िंदा है।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले अशोक शर्मा पिछले वर्ष जनवरी में कुंभ स्नान के लिए गए थे। घर में चोरी की आशंका के चलते उन्होंने अपने परिवार का सारा सोना एक डिब्बे में बंद कर कबाड़ समझकर घर के पुराने सामान के साथ रख दिया।
दीपावली की सफाई के दौरान वह सारा सामान कबाड़ समझकर इलाके के कबाड़ी व्यापारी हाजी अख्तर खान को दे दिया गया। परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि कबाड़ के डिब्बे में करीब 10 तोले (लगभग 100 ग्राम) सोने के गहने, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है, रखे हुए हैं।
⏳ चार महीने बाद याद आया सोना
करीब चार महीने बाद, दीपावली पूजा के समय अशोक शर्मा और उनके परिवार को उस सोने की याद आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत कबाड़ी व्यापारी से संपर्क किया। ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए कबाड़ी व्यापारी ने बिना किसी लालच के अपने कबाड़ के ढेर से गहने ढूंढ निकाले और पुलिस की मौजूदगी में पूरा सोना सुरक्षित रूप से परिवार को लौटा दिया।
इस मौके पर स्थानीय पुलिस अधिकारी जितेंद्र मल्होत्रा भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।
🌟 समाज के लिए प्रेरणा
यह पूरी घटना यह साबित करती है कि
👉 ईमानदारी किसी धर्म या मजहब की मोहताज नहीं होती
👉 आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो सही और गलत में फर्क समझते हैं
👉 इंसानियत और नैतिकता आज भी जिंदा है
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इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चाई और ईमानदारी कभी बेकार नहीं जाती। पैसा और सोना इंसान को अमीर बना सकते हैं, लेकिन ईमानदारी इंसान को महान बनाती है। ऐसे उदाहरण समाज में भरोसा और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।
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